Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: चार साल की बेटी को घर पर छोड़, असम की भारोत्तोलक पल्लवी ने जीता खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक.
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » चार साल की बेटी को घर पर छोड़, असम की भारोत्तोलक पल्लवी ने जीता खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक.

खेलछत्तीसगढ़देश - विदेश

चार साल की बेटी को घर पर छोड़, असम की भारोत्तोलक पल्लवी ने जीता खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक.

Hum Vatan News
Last updated: March 30, 2026 7:14 PM
By
Hum Vatan News
Share
SHARE
× Popup Image

 रायपुर, 30 मार्च 2026/ जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।

- Advertisement -
HTML5 Icon

पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।
यह फैसला आसान नहीं था।

- Advertisement -
HTML5 Icon

बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।

इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया।

रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

13576/ 9

Advertisement Carousel

Latest Post

संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग चंदूलाल की सुनी पुकार, मिनटों में मिला समाधान.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल
अन्य खेल छत्तीसगढ़ देश - विदेश
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: संघर्षों की भट्ठी में तपकर सोना बने झारखंड के अंजित मुंडा, कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल ….भारतीय सेना में ‘अग्निवीर’ के रूप में दे रहे हैं सेवाएं,
खेल छत्तीसगढ़ देश - विदेश
तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही से छत्तीसगढ़ बना आवास निर्माण का मॉडल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके” प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री श्री साय.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
CM Vishnu Deo Sai : CM साय की मौजूदगी में भिड़ीं भाजपा नेत्री और पुलिस, प्रोटोकॉल पर मचा भारी बवाल
Featured छत्तीसगढ़

You Might Also Like Related

Featuredदेश - विदेश

Nitish Kumar Rajya Sabha Election : नीतीश युग का ‘अंतिम ओवर’, MLC पद से इस्तीफा, राज्यसभा की नई पारी और बिहार में नए कप्तान की खोज

By
Hum Vatan News
3 Min Read
CG Police AK-47 Recovery
Featuredछत्तीसगढ़

CG Police AK-47 Recovery : नक्सल मोर्चे पर जवानों का ‘बड़ा स्कोर’, AK-47 और इंसास रायफल बरामद, नक्सलियों का डंप तबाह

By
Hum Vatan News
3 Min Read
CG Electricity Tariff 2026
Featuredछत्तीसगढ़

CG Electricity Tariff 2026 : छत्तीसगढ़ में बिजली का ‘झटका’, हर यूनिट पर 25 पैसे तक की बढ़ोतरी तय, अगले हफ्ते जारी होगा नया टैरिफ

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
« Feb    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?