MG Hector Plus EMI Calculator— भारतीय ऑटो बाजार में 7-सीटर गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस सेगमेंट में MG Motors की MG Hector Plus एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरी है। अगर आप दिल्ली-NCR में इस मिड-साइज़ एसयूवी को खरीदने का मन बना रहे हैं, तो मात्र ₹2 लाख रुपये की डाउन पेमेंट करके इसे घर लाया जा सकता है। बाकी बची रकम को बैंक लोन के जरिए आसान मासिक किस्तों (EMI) में चुकाया जा सकता है।
MG Hector Plus EMI Calculator: ₹2 लाख Down Payment पर कितनी बनेगी किस्त? जानें पूरा गणित

दिल्ली में MG Hector Plus की ऑन-रोड कीमत का हिसाब
MG Hector Plus के बेस मॉडल (Style Diesel/Petrol) की एक्स-शोरूम कीमत ₹17.49 लाख से शुरू होती है। दिल्ली में इसे सड़क पर उतारने (On-Road Price) के लिए आपको टैक्स और इंश्योरेंस का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
- एक्स-शोरूम कीमत: ₹17,49,000
- RTO शुल्क (रोड टैक्स): ₹1,79,000 (लगभग)
- कार बीमा (Insurance): ₹77,000 (लगभग)
- TCS चार्ज (1%): ₹17,490
- कुल ऑन-रोड कीमत (दिल्ली): ₹20,22,490 (लगभग ₹20.22 लाख)
₹2 लाख Down Payment के बाद बैंक लोन का गणित
यदि आप ऑन-रोड कीमत पर ₹2,00,000 रुपये का शुरुआती भुगतान (Down Payment) करते हैं, तो बाकी राशि के लिए आपको कार लोन लेना होगा:
- कुल ऑन-रोड कीमत: ₹20,22,490
- डाउन पेमेंट: ₹2,00,000
- कुल लोन राशि (Loan Amount): ₹18,22,490
हर महीने कितनी देनी होगी EMI?
अगर आप किसी प्रमुख बैंक से 9.5% वार्षिक ब्याज दर पर 5 साल (60 महीने) के लिए ₹18.22 लाख का लोन लेते हैं, तो आपका मासिक खर्च इस प्रकार रहेगा:
“बैंक लोन की शर्तें और ब्याज दरें आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) और बैंक नीति पर निर्भर करती हैं। बेहतर क्रेडिट स्कोर होने पर 8.80% से 9.25% के बीच भी लोन मिल सकता है, जिससे किस्त कम हो जाएगी।”
- लोन की अवधि: 5 वर्ष (60 महीने)
- अनुमानित ब्याज दर: 9.5% प्रति वर्ष
- मासिक किस्त (Monthly EMI): ₹38,274 रुपये per month
- कुल देय ब्याज (Total Interest): ₹4,73,950 रुपये (लगभग)
- 5 साल में कुल भुगतान: ₹22,96,440 रुपये
खरीदारों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
अगर आप 5 साल के बजाय 7 साल (84 महीने) की अवधि के लिए लोन चुनते हैं, तो आपकी महीने की EMI घटकर लगभग ₹29,800 रुपये हो जाएगी। हालांकि, लंबी अवधि में आपको बैंक को ब्याज के रूप में अधिक पैसा देना होगा। शोरूम पर खरीदारी से पहले इंश्योरेंस कोटेशन और RTO डिस्काउंट की दोबारा जांच अवश्य करें।


