Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: क्यों सीता मैया को छू भी नहीं पाया था रावण? नंदी से लेकर वेदवती तक… वो 4 श्राप जिन्होंने लिख दी थी लंका दहन की स्क्रिप्ट
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » क्यों सीता मैया को छू भी नहीं पाया था रावण? नंदी से लेकर वेदवती तक… वो 4 श्राप जिन्होंने लिख दी थी लंका दहन की स्क्रिप्ट

Featuredreligion

क्यों सीता मैया को छू भी नहीं पाया था रावण? नंदी से लेकर वेदवती तक… वो 4 श्राप जिन्होंने लिख दी थी लंका दहन की स्क्रिप्ट

Hum Vatan News
Last updated: June 4, 2026 10:00 AM
By
Hum Vatan News
Share
सीता मैया
सीता मैया
SHARE
× Popup Image

क्यों सीता मैया को छू भी नहीं पाया था रावण— सनातन धर्म के महाकाव्य रामायण में रावण को एक परम ज्ञानी, प्रकांड पंडित और महाप्रतापी राजा के रूप में दर्शाया गया है, लेकिन उसके भीतर छिपे असीम अहंकार और घोर अत्याचारों ने उसका समूल नाश कर दिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम के बाण तो रावण की मृत्यु का जरिया बने, लेकिन वास्तव में उसकी सोने की लंका के नष्ट होने और उसके सर्वनाश के पीछे उन 4 भयंकर श्रापों का हाथ था, जो उसे उसके जीवनकाल में मिले थे।

सीता मैया
सीता मैया

अहंकार और वासना की वजह से मिले ये 4 श्राप

रावण अपनी शक्तियों के मद में इतना अंधा हो चुका था कि उसने ऋषियों, देवताओं और महिलाओं का अपमान करना शुरू कर दिया था। कथाओं के अनुसार, रावण को मिले ये चार श्राप उसकी लंका के दहन और उसके वंश के विनाश का मुख्य कारण बने:

Contents
अहंकार और वासना की वजह से मिले ये 4 श्रापआम जनमानस पर इस प्रसंग का प्रभाव और सीख

CG NEWS : करोड़ों की ज्वेलरी लूट, CCTV में कैद आरोपी, जांच में देरी

- Advertisement -
HTML5 Icon
  • नंदी का श्राप: एक बार रावण भगवान शिव से मिलने कैलाश पर्वत गया था। वहां द्वार पर पहरा दे रहे शिव के वाहन नंदी के स्वरूप को देखकर रावण जोर-जोर से हंसने लगा और उनका उपहास उड़ाया। अपमानित होकर नंदी ने रावण को श्राप दिया कि जिन वानरों के मुख का तू उपहास उड़ा रहा है, वही वानर एक दिन तेरी लंका के विनाश और तेरे सर्वनाश का कारण बनेंगे। बाद में हनुमान जी और सुग्रीव की वानर सेना ने इसी श्राप को सच कर दिखाया।
  • नलकुबेर का श्राप: स्वर्ग की अप्सरा रंभा को देखकर रावण मोहित हो गया और उसने जबरन उसका शील भंग करने का प्रयास किया। रंभा कुबेर के पुत्र नलकुबेर की होने वाली पत्नी थी। जब यह बात नलकुबेर को पता चली, तो उन्होंने अत्यंत क्रोधित होकर रावण को श्राप दिया कि यदि उसने भविष्य में किसी भी स्त्री की इच्छा के विरुद्ध उसे छूने या अपने साथ रखने का प्रयास किया, तो उसके मस्तक के सौ टुकड़े हो जाएंगे। इसी श्राप के डर से रावण ने माता सीता को अशोक वाटिका में रखा, पर उन्हें स्पर्श करने का साहस नहीं कर सका।
  • सती वेदवती का श्राप: भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही अत्यंत सुंदर और तपस्विनी वेदवती की कुटिया में जब रावण पहुंचा, तो उसने तपस्या भंग करने की कोशिश की और उनके बाल पकड़ लिए। अपने सतीत्व की रक्षा के लिए वेदवती ने तुरंत अपने बाल काट दिए और अग्नि में आत्मदाह कर लिया। चिता पर बैठने से पहले उन्होंने रावण को श्राप दिया कि वह अगले जन्म में पुनः जन्म लेंगी और रावण के विनाश का मुख्य कारण बनेंगी। माना जाता है कि वेदवती ने ही माता सीता के रूप में जन्म लिया था।
  • राजा अनरण्य का श्राप: रघुवंश (जिस वंश में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ) के पूर्वज राजा अनरण्य ने जब रावण के अत्याचारों का विरोध किया, तो दोनों के बीच भीषण युद्ध हुआ। युद्ध में पराजित होकर जब राजा अनरण्य मृत्युशैया पर थे, तब रावण उनका मजाक उड़ाने लगा। मरते हुए राजा अनरण्य ने रावण को श्राप दिया कि मेरे ही वंश में एक ऐसा प्रतापी पुत्र जन्म लेगा, जो तेरा और तेरे पूरे राक्षस कुल का वध करेगा। आगे चलकर रघुवंश में ही प्रभु श्रीराम ने जन्म लेकर इस श्राप को पूर्ण किया।

खरीफ सीजन में किसानों को समय पर मिल रही खाद, सखौली के किसान कमलेश ने जताया संतोष.

- Advertisement -
HTML5 Icon

आम जनमानस पर इस प्रसंग का प्रभाव और सीख

रामायण का यह प्रसंग आज के आधुनिक समाज के लिए भी एक बड़ी सीख है। यह कहानी दर्शाती है कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली, धनवान या बुद्धिमान क्यों न हो, यदि वह अपने पद और शक्ति के मद में चूर होकर दूसरों का, विशेषकर महिलाओं और संतों का अपमान करता है, तो उसका पतन निश्चित है। सोने की लंका का जलकर खाक होना इस बात का प्रतीक है कि अहंकार और अधर्म की नींव पर खड़ी की गई कितनी भी भव्य इमारत क्यों न हो, एक दिन उसे मिट्टी में मिलना ही होता है।

 

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Advertisement Carousel

Latest Post

CG NEWS : मंत्री खुशवंत साहब के भाई ढाल दास कांग्रेस में शामिल, BJP को झटका
Featured छत्तीसगढ़
CG News : पुलिस की दबिश में मिली आपत्तिजनक सामग्री, संचालक और मैनेजर के खिलाफ FIR
Featured छत्तीसगढ़
Iran Attack on Bahrain: अमेरिकी सैन्य अड्डे को पहुंचा भारी नुकसान, सैनिकों की वापसी पर भी रोक
Featured international
Su-57 Fighter Jet Deal: पुतिन के भारत पहुंचते ही बढ़ी हलचल, मोदी से रक्षा सौदे पर होगी बात
Featured international
BRICS Summit 2026: दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक शुरू, व्यापार बढ़ाने पर जोर
Featured national
Bhandara Road Accident: भंडारा में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो-ट्रक की टक्कर में 8 की मौत
Featured national
Bank Strike 2026 : बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल शुरू, लगातार 3 दिन प्रभावित रहेगा कामकाज
Featured देश - विदेश
IND W vs BAN W: श्रीचरणी ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, कुलदीप यादव को भी छोड़ दिया पीछे
Featured खेल

You Might Also Like Related

entertainmentFeaturedछत्तीसगढ़

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ देखकर भावुक हुए CM साय, आध्यात्मिक संदेश की जमकर की तारीफ,पहले ही टैक्स फ्री करने का ऐलान

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Featuredछत्तीसगढ़

सर्पदंश मुआवजा मामले में प्रियंका सोनी को राहत, High Court’ से मिली बेल

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Featuredछत्तीसगढ़

CG News : अब खुले में कचरा फेंका तो देना होगा भारी जुर्माना, 70 वार्डों में CCTV से निगरानी

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?