CG NEWS : जगदलपुर/कोलकाता।’ लाल गलियारे में अपनी पकड़ खो रहे माओवादी संगठन को एक ही दिन में दो बड़े झटके लगे हैं। पश्चिम बंगाल से लेकर छत्तीसगढ़ के बस्तर तक सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता के बीच, माओवादियों की कमर टूटती नजर आ रही है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जहां 15 लाख रुपये की इनामी नक्सली श्रद्धा बिस्वास को दबोच लिया है, वहीं एक अन्य वरिष्ठ माओवादी सदस्य के सरेंडर करने की खबर ने संगठन को अंदरूनी तौर पर हिला कर रख दिया है।
कोलकाता से हुई बड़ी गिरफ्तारी: कौन है श्रद्धा बिस्वास?
कोलकाता पुलिस की STF ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रद्धा बिस्वास को गिरफ्तार किया। श्रद्धा माओवादी संगठन की रीजनल कमेटी की सक्रिय सदस्य थी और लंबे समय से वांछित सूची में शामिल थी।
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इनाम: उस पर शासन द्वारा 15 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित था।
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भूमिका: वह संगठन के लिए पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती राज्यों में फंड जुटाने, विचारधारा फैलाने और युवाओं को जोड़ने का काम कर रही थी।
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बड़ी उपलब्धि: सुरक्षा बलों के लिए यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रद्धा के पास से संगठन के कई गोपनीय दस्तावेज और भविष्य की रणनीतियों से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद है।
बस्तर में वरिष्ठ सदस्य ने डाला हथियार
एक तरफ कोलकाता में गिरफ्तारी हुई, तो दूसरी तरफ जगदलपुर (बस्तर) में संगठन के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक, संगठन के भीतर बढ़ती उपेक्षा और विकास की लहर को देखते हुए इस माओवादी ने आत्मसमर्पण (Surrender) किया है।
“नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है। एक ओर हमारी एसटीएफ और सुरक्षा बल सक्रिय हैं, तो दूसरी ओर ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आइए) जैसे अभियानों से प्रभावित होकर माओवादी अब हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं।”


