Chhattisgarh Police Transgender Recruitment , जगदलपुर — छत्तीसगढ़ ट्रांसजेंडर पुलिस भर्ती ने राज्य में सामाजिक समावेशन की नई तस्वीर पेश की है। पुलिस आरक्षक पद पर 8 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। भर्ती प्रक्रिया 2024 और 2025 की परीक्षा के आधार पर यह चयन पूरा किया गया। चयनित उम्मीदवारों में भूमि मानिकपुरी, खुशी ध्रुव और संजना ध्रुव जैसे नाम शामिल हैं।
सपनों से वर्दी तक का सफर
बस्तर और कांकेर समेत अलग-अलग जिलों से आने वाले इन अभ्यर्थियों का सफर आसान नहीं रहा। कई उम्मीदवारों ने सामाजिक तानों, आर्थिक दिक्कतों और पहचान के संघर्ष के बीच तैयारी जारी रखी। अब वही लोग पुलिस विभाग में सेवा देने जा रहे हैं। जगदलपुर में भर्ती सूची सामने आने के बाद कई परिवारों में खुशी का माहौल दिखा। कुछ अभ्यर्थियों की आंखों में आंसू थे। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि स्वीकार्यता की लड़ाई में बड़ी जीत मानी जा रही है। एक चयनित अभ्यर्थी ने बताया कि उन्होंने कई बार हार मानने का सोचा, लेकिन वर्दी पहनने का सपना उन्हें वापस मैदान में ले आया। ट्रेनिंग ग्राउंड की सुबह, घंटों की दौड़ और लगातार अभ्यास अब रंग लाता दिखाई दे रहा है।
भर्ती प्रक्रिया में बढ़ता समावेशन
विशेषज्ञ मानते हैं कि पुलिस विभाग में ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी से जमीनी स्तर पर संवेदनशीलता बढ़ेगी। इससे समाज और पुलिस के बीच भरोसा मजबूत हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों ने ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किए हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम उसी दिशा में अहम माना जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण पूरे किए गए। चयनित उम्मीदवार अब ट्रेनिंग के अगले चरण में शामिल होंगे।
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मानसिक संघर्ष से मिली जीत
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई उम्मीदवारों ने पढ़ाई के साथ छोटे-मोटे काम भी किए। किसी ने ब्यूटी पार्लर में काम किया, तो किसी ने निजी संस्थानों में नौकरी करके तैयारी जारी रखी। अब पुलिस सेवा में चयन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है। जगदलपुर के एक कोचिंग शिक्षक ने बताया कि चयनित अभ्यर्थी नियमित अभ्यास करते थे। “बारिश हो या गर्मी, वे मैदान नहीं छोड़ते थे।” यह बात अब उनके चयन के साथ सच साबित होती दिख रही है।


