Chhattisgarh Monsoon Session 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ मानसून सत्र 2026 के तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा का 5 दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। आगामी सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 सवाल लगाए गए हैं, जिनके जरिए सरकार से विभिन्न विभागों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा।
1033 सवालों के जरिए सरकार की होगी घेराबंदी
विधानसभा सचिवालय में जमा किए गए प्रश्नों में प्रदेश के विकास कार्य, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, सड़क, जल आपूर्ति, रोजगार, आवास योजनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। विपक्ष इन सवालों के माध्यम से सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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सत्ता पक्ष के विधायक भी पूछेंगे अपने क्षेत्र के मुद्दे
इस बार केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े बड़ी संख्या में सवाल लगाए हैं। इससे साफ है कि सदन में स्थानीय मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा होने की संभावना है।
मानसून सत्र में हंगामेदार बहस के आसार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं को लेकर आक्रामक रुख अपनाएगा, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों का पक्ष सदन में मजबूती से रखेगी।
जनहित के मुद्दों पर रहेगी नजर
मानसून सत्र में किसानों, युवाओं, महिलाओं, बेरोजगारी, महंगाई, अधोसंरचना विकास, पंचायत एवं नगरीय निकायों से जुड़े विषयों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के कामकाज पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और विभागीय प्रतिवेदन भी सदन में पेश कर सकती है।


