नई दिल्ली: Parliament Monsoon Session के दौरान बुधवार को भी संसद में सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव खत्म नहीं हो सका। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा है। सदन में भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सूत्रों के अनुसार, संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू के बीच मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं ने सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और गतिरोध खत्म करने के मुद्दे पर चर्चा की।
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विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे
Parliament Monsoon Session के दौरान विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह से अयोध्या मामले और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सदन में बयान देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर E20 पेट्रोल को अनिवार्य रूप से लागू किए जाने से जुड़े उपभोक्ता अधिकारों और जन-आक्रोश पर चर्चा की मांग की।
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मनीष तिवारी ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देते हुए नए दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना है कि राजनीतिक अवसरवाद के कारण होने वाले बड़े पैमाने पर दल-बदल को रोकने के लिए अधिक प्रभावी कानून की आवश्यकता है।
मंगलवार को भी बाधित रही थी कार्यवाही
इससे पहले मंगलवार को भी Parliament Monsoon Session के दौरान दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित रही। हालांकि लोकसभा ने शोर-शराबे के बीच विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। वहीं, राज्यसभा ने जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी, लेकिन लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
Parliament Monsoon Session
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से गतिरोध समाप्त होता है या नहीं। यदि सहमति बनती है, तो संसद में लंबित विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ सकती है।


