Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: CG High Court : शरिया कोर्ट के फैसले पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- विवाह खत्म करने का नहीं है कानूनी अधिकार
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » CG High Court : शरिया कोर्ट के फैसले पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- विवाह खत्म करने का नहीं है कानूनी अधिकार

Featuredछत्तीसगढ़

CG High Court : शरिया कोर्ट के फैसले पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- विवाह खत्म करने का नहीं है कानूनी अधिकार

Hum Vatan News
Last updated: September 8, 2026 11:58 AM
By
Hum Vatan News
Share
SHARE
× Popup Image

CG High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुस्लिम महिला के वैवाहिक अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी धार्मिक संस्था या स्वयं को शरिया कोर्ट बताने वाला संगठन कानून द्वारा स्थापित न्यायालय का दर्जा प्राप्त नहीं कर सकता। ऐसी संस्थाओं को किसी व्यक्ति के वैवाहिक दर्जे का न्यायिक निर्धारण करने या विवाह विच्छेद की कानूनी घोषणा करने का अधिकार नहीं है।

Contents
निजी धार्मिक संस्था को अदालत का दर्जा नहीं18 जनवरी 2022 का आदेश घोषित किया गया अधिकार क्षेत्र से बाहर

हाईकोर्ट ने रायपुर स्थित इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट द्वारा 18 जनवरी 2022 को जारी एक आदेश को कानूनी अधिकार से रहित बताया है। उक्त आदेश में याचिकाकर्ता महिला को उसके पति से तलाकशुदा बताया गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट किया कि वैवाहिक स्थिति से संबंधित कानूनी निर्णय केवल सक्षम न्यायालय और कानून के तहत स्थापित प्राधिकरण ही कर सकते हैं।

- Advertisement -
HTML5 Icon

बिहान से बदली राह 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी,

- Advertisement -
HTML5 Icon

निजी धार्मिक संस्था को अदालत का दर्जा नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी निजी संस्था को केवल धार्मिक या सामाजिक आधार पर अदालत का दर्जा नहीं दिया जा सकता। कानून से स्थापित न्यायालयों की शक्तियां और अधिकार संविधान तथा संबंधित कानूनों से निर्धारित होते हैं।

कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, कोई संगठन स्वयं को शरिया कोर्ट या किसी अन्य नाम से संबोधित कर सकता है, लेकिन इससे उसे कानूनी अदालत की शक्तियां स्वतः प्राप्त नहीं हो जातीं। किसी महिला या पुरुष के विवाह, तलाक अथवा वैवाहिक दर्जे को लेकर कानूनी रूप से बाध्यकारी फैसला देने के लिए सक्षम न्यायिक अधिकार आवश्यक है।

18 जनवरी 2022 का आदेश घोषित किया गया अधिकार क्षेत्र से बाहर

हाईकोर्ट ने रायपुर के इदारा-ए-शरिया इस्लामी कोर्ट द्वारा 18 जनवरी 2022 को जारी आदेश को कानूनी अधिकार के अभाव में प्रभावहीन माना। इस आदेश में महिला के वैवाहिक संबंध को लेकर टिप्पणी की गई थी और उसे पति से तलाकशुदा बताया गया था।

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी निजी धार्मिक संस्था द्वारा जारी ऐसा आदेश कानून के तहत न्यायिक आदेश का स्थान नहीं ले सकता। वैवाहिक स्थिति और विवाह विच्छेद जैसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Advertisement Carousel

Latest Post

CG News : बर्खास्त GRP आरक्षक की मुश्किलें बढ़ीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB ने पेश किया चालान
Featured छत्तीसगढ़
CG News : अस्पताल के बाहर जिंदगी की जंग लड़ता रहा युवक, डॉक्टर की गैरमौजूदगी के आरोप पर कलेक्टर ने दिए जांच के संकेत
Featured छत्तीसगढ़
CG News : छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते को लेकर हलचल, कर्मचारियों-पेंशनरों को 2% DA मिलने की खबर’ एरियर पर भी नजरCG News : छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते को लेकर हलचल, कर्मचारियों-पेंशनरों को 2% DA मिलने की खबर’ एरियर पर भी नजर
Featured छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में स्टेडियम के अंदर स्कॉर्पियो से हुड़दंगबाजी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल’ जांच शुरू
Featured छत्तीसगढ़
CG News : 10 साल बाद फिर दिखा रेड सैंड बोआ’ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ गांव में दुर्लभ सांप मिलने से मची हलचल
Featured छत्तीसगढ़
Bastar Dussehra : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुरिया दरबार में बढ़ाया बस्तर का मान, पारंपरिक विरासत से जुड़कर बोलीं- मैं मांझी की बेटी हूं
Featured छत्तीसगढ़
बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता, सामूहिक आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश

You Might Also Like Related

अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

शासन के बल्क परचेस निर्णय से छत्तीसगढ़ में आवासीय योजनाओं को मिल रही नई गति.

By
Hum Vatan News
6 Min Read
अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर में आकार ले रही 3147 करोड़ रुपये की भारतमाला परियोजना.

By
Hum Vatan News
8 Min Read
Featuredदेश - विदेश

Tiger Shroff Firing Case : टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस का एक्शन, ट्रेन में घेरकर 5 मिनट में पकड़े गए हमलावर

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?