Ayushman Bharat नई दिल्ली। देश की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत को शुरू हुए 8 साल पूरे हो गए हैं। 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई इस पहल की आठवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की उपलब्धियों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत का उद्देश्य हर भारतीय को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। उनके मुताबिक, अब 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर तक पहुंच हासिल है।
5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल भर्ती कवर मिलता है। योजना मुख्य रूप से द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराती है।
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सरकार के 22 सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, 21 सितंबर तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके थे। योजना के तहत 13.25 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती मामलों के लिए करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये की उपचार राशि अधिकृत की जा चुकी थी।
PM मोदी ने बताईं योजना की उपलब्धियां
आठवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत ने चिकित्सा खर्च के कारण होने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद की है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं अब लोगों के घरों के करीब पहुंच रही हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज हो चुकी हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य लोगों को उनके आसपास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
38 हजार से ज्यादा अस्पताल योजना से जुड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक देशभर में 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल AB-PMJAY के तहत सूचीबद्ध थे। योजना के तहत 1,961 प्रक्रियाओं को 27 मेडिकल स्पेशियलिटी में कवर किया जाता है।
70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग भी दायरे में
सितंबर 2024 में केंद्र सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को योजना के दायरे में शामिल करने का फैसला किया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 21 सितंबर 2026 तक 1.36 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके थे।
आयुष्मान भारत केवल अस्पताल में इलाज के वित्तीय कवर तक सीमित नहीं है। इसके साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन जैसे घटक भी जुड़े हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना है।


