Kathua CISF Firing: जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF कैंप के अंदर मंगलवार शाम हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा बलों को भी झकझोर दिया। CISF के हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपनी सरकारी AK-47 से अपने ही चार साथियों पर फायरिंग कर दी। इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
29 सितंबर की शाम हुई फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, बिहार निवासी CISF हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह कठुआ स्थित सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात था। 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे वह AK-47 लेकर ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में पहुंचा। वहां कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडे समेत कुछ CISF कर्मी मौजूद थे।
आरोप है कि अवधेश ने अचानक अपने साथियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। फायरिंग में चार CISF कर्मियों की जान चली गई। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया।
बच्चे को कैंप में लाने को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चे को बार-बार प्रोजेक्ट साइट पर लाने को लेकर अवधेश और उसके साथियों के बीच विवाद चल रहा था।
अवधेश कुमार सिंह और उसकी पत्नी दोनों CISF में तैनात हैं और एक ही प्रोजेक्ट साइट पर अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते थे। ऐसे में ड्यूटी के समय दोनों को अपने बच्चे को साइट पर लाना पड़ता था। एक अभिभावक की ड्यूटी खत्म होने पर बच्चा दूसरे अभिभावक को सौंप दिया जाता था।
बताया जा रहा है कि साथियों ने बच्चे को बार-बार साइट पर लाने को लेकर आपत्ति जताई थी। इस मामले में अवधेश और उसकी पत्नी को पहले भी बच्चे को प्रोजेक्ट साइट पर नहीं लाने की चेतावनी दी गई थी।
घटना वाले दिन फिर हुई शिकायत
पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन अवधेश की पत्नी पूजा बच्चे को लेकर गार्ड क्वार्टर पहुंची थीं। इसके बाद कुछ साथियों ने इसकी शिकायत असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे से कर दी।
इसी बात को लेकर अवधेश नाराज हो गया। इसके बाद वह गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में पहुंचा, जहां अंकित कुमार पांडे समेत अन्य कर्मी मौजूद थे। आरोप है कि यहीं उसने अपनी सरकारी AK-47 से फायरिंग कर दी।
CISF ने गठित की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी
घटना के बाद CISF की ओर से मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। फिलहाल शुरुआती जानकारी में बच्चे को साइट पर लाने को लेकर हुआ विवाद फायरिंग की वजह के तौर पर सामने आया है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
चार CISF कर्मियों की मौत
इस गोलीबारी में जिन चार कर्मियों की मौत हुई, उनमें:
- असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे
- सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह
- कांस्टेबल रफीक अहमद
- कांस्टेबल संजीव कुमार
शामिल हैं। CISF कैंप के भीतर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और जवानों के बीच विवादों से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। मामले की जांच जारी है।


