CG Liquor Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मैनपावर भुगतान मामले में आरोपी एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2026 को उन्हें अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की शर्तों के अधीन रिहा करने का निर्देश दिया था। मामले में 1 अक्टूबर को अगली सुनवाई निर्धारित की गई थी। उदय राव के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया है।
शराब घोटाले के मैनपावर भुगतान मामले में मिली राहत
यह मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) द्वारा वर्ष 2019 से 2023 के बीच शराब दुकानों में कर्मचारियों की तैनाती के लिए विभिन्न एजेंसियों को दिए गए ठेकों से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि मैनपावर एजेंसियों ने ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर कथित तौर पर बढ़े हुए बिल प्रस्तुत किए। इन बिलों के माध्यम से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने और अवैध कमीशन के लेन-देन का आरोप है।
6.90 करोड़ रुपये कमीशन पहुंचाने का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मैनपावर एजेंसी ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेज लिमिटेड को कथित तौर पर लगभग 34.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। इसमें से करीब 6.90 करोड़ रुपये अवैध कमीशन के रूप में उदय राव के माध्यम से आगे पहुंचाए जाने का आरोप है। जांच एजेंसियों ने इस कथित लेन-देन को घोटाले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। ये आरोप हैं, जिनका अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
हाईकोर्ट ने नियमित जमानत याचिका की थी खारिज
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को उदय राव की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में अभियोजन पक्ष के आरोपों, कथित वित्तीय लेन-देन और मैनपावर ठेकों के संचालन में उनकी भूमिका का उल्लेख किया था। इसके बाद उदय राव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को दी अंतरिम राहत
22 अगस्त 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उदय राव को अंतरिम जमानत प्रदान की। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन उनकी रिहाई का निर्देश दिया। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की थी।
जांच एजेंसी ने दाखिल की चार्जशीट
इस मामले में EOW/ACB ने मई 2026 में लगभग 182.98 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े प्रकरण में 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें उदय राव और कारोबारी अनवर ढेबर के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि मैनपावर भुगतान में कथित अनियमितताओं के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
उदय राव ने आरोपों से किया इनकार
उदय राव की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि वह ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेज लिमिटेड के न तो निदेशक थे और न ही शेयरधारक। उन्होंने छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड में मार्केटिंग उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका का हवाला दिया था। उनके वकीलों ने कथित वित्तीय लेन-देन और आरोपों से जुड़े साक्ष्यों पर भी सवाल उठाए थे।


