बनासकांठा, गुजरात: PM Modi Banaskantha Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आलू की खेती को लेकर तंज कसते हुए कहा कि बनासकांठा का आलू दुनियाभर में मशहूर है। यहां आकर कोई यह नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के किसान पहले से ही आलू से सोना बना रहे हैं। उनके इस बयान ने सभा में लोगों का ध्यान खींचा।
पीएम मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। बनासकांठा में उन्होंने किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करने और दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम भी हुआ।
आलू से सोना बनाने वाले बयान पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बनासकांठा के आलू और यहां के किसानों की मेहनत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बनासकांठा का आलू विश्व प्रसिद्ध है और यहां के किसान कृषि के जरिए अपनी मेहनत से कमाई कर रहे हैं।
उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, “बनासकांठा में आकर कोई नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के लोग पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं।”
इस टिप्पणी को आलू की खेती और किसानों की मेहनत से जोड़कर देखा जा रहा है। बनासकांठा गुजरात का एक प्रमुख कृषि क्षेत्र है, जहां खेती और डेयरी कारोबार ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी
बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, गुजरात दौरे के दौरान 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं में कृषि भंडारण, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह बिछाई गईं चारपाइयां
बनासकांठा की जनसभा में किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों के बजाय चारपाइयों की व्यवस्था की गई थी। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक सभा में सभी लोगों का चारपाई पर बैठना देश के लोगों के लिए अजूबा हो सकता है।
उन्होंने बनासकांठा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने गांवों की पुरानी परंपरा को जीवित रखा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि यदि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों को बुलाया गया होता, तो यह रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता था।
गोबर से कमाई बढ़ाने पर सरकार का जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए गोबर और कृषि अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोबर और खेती के अवशेषों से बायोगैस, बायो-सीएनजी और जैविक खाद बनाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।
इसी क्रम में बनास डेयरी की ओर से थराद और राधनपुर में दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पशुओं के गोबर का उपयोग करके ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों के लिए कमाई के अतिरिक्त अवसर तैयार करना है।
पशुओं के टीकाकरण और दूध उत्पादन पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने पशुपालन क्षेत्र में टीकाकरण, आधुनिक तकनीक और बेहतर नस्लों के विकास के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पशुओं को बीमारियों से बचाने और उनकी नस्ल में सुधार करने से पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक का जिक्र करते हुए बताया कि इससे बेहतर गुणों वाले पशुओं की नस्ल को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बनासकांठा में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) से भी पशुओं की नस्ल सुधारने और आधुनिक प्रजनन तकनीकों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
25 साल बाद बनासकांठा पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में गुजरात के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से उन्हें जनता का लगातार सहयोग मिला है।
उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने उन्हें जनसेवा और राष्ट्रसेवा का अवसर दिया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पानी और बिजली बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, संसाधनों का संरक्षण भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
दो नई ट्रेन सेवाओं को दिखाई हरी झंडी
बनासकांठा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचाराजी-साबरमती मेमू सेवा शामिल हैं। इन सेवाओं से यात्रियों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है।


