सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए भीषण Vedanta Plant प्लांट ब्लास्ट मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अनिल अग्रवाल समेत कई अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी और प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, प्रबंधक देवेंद्र पटेल सहित 8 से 10 लोगों के खिलाफ डबरा थाने में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है और इसमें और भी नाम जुड़ सकते हैं।
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जिला पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में करीब 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से ज्यादा घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। शुरुआती जांच में आपराधिक लापरवाही साफ तौर पर सामने आई है।
हादसे के बाद सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने रायगढ़ पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और प्लांट को फिलहाल सील कर दिया गया है। जांच पूरी होने तक इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी।
वहीं, कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।



