बिलासपुर, 2 जुलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिलासपुर शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणियों को मंजूरी दे दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की स्वीकृति के बाद प्रदेश महामंत्री (संगठन) मलकित सिंह गैदू ने नियुक्ति आदेश जारी किए। पार्टी ने इसे संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
शहर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा की अनुशंसा पर गठित नई कार्यकारिणी में 31 पदाधिकारियों को महासचिव, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर नियुक्त किया गया है।
नई टीम में के. दीपक जायसवाल, संजीव ठाकुर, गोपाल ठाकुर, श्रीकांत जायसवाल, विवेक दुबे, डी. विक्रम सिंह (बंटी), भूषण कश्यप, राहुल श्रीवास, संजय यादव, डी. अजय तिवारी, दीपक तिवारी, वीरेंद्र दुबे, लक्ष्मी सिंह, अभिषेक यादव, गौरव श्रीवास्तव, अजय वर्मा, रजत राठौर, बृजेश सिंह, विनोद वर्मा, मुकेश कश्यप, विजय कुमार, विकास ठाकुर, मनोज कश्यप और शेख ताहिर सहित अन्य नेताओं को विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रदेश संगठन ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को गति देने का आह्वान किया है।
ग्रामीण जिला कांग्रेस की 51 सदस्यीय कार्यकारिणी को भी मंजूरी
प्रदेश कांग्रेस ने बिलासपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस की 51 सदस्यीय नई कार्यकारिणी को भी स्वीकृति प्रदान की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री के प्रस्ताव पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के अनुमोदन के बाद प्रभारी महामंत्री मलकित सिंह गैदू ने स्वीकृति पत्र जारी किया।
नई कार्यकारिणी में प्रवेश पटवा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा 12 उपाध्यक्ष, 18 महामंत्री, 20 सचिव और 10 कार्यकारी सदस्यों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं।
संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी पर फोकस
प्रदेश कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारी से अवगत कराया जाए और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज किया जाए। पार्टी का लक्ष्य संगठन सृजन शिविर के बाद बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करना और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है।
कांग्रेस का मानना है कि नई कार्यकारिणियों के गठन से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूती मिलेगी।


