अयोध्या। Ram Mandir offering theft case में बड़ा अपडेट सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां रिमांड मजिस्ट्रेट ने उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेजने का आदेश दिया।

शासन ने इस संवेदनशील मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी है। अब मामले की सुनवाई एंटी करप्शन कोर्ट में होगी, जहां पुलिस आरोपियों की कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
79.85 लाख रुपये, अमेरिकी डॉलर और विदेशी मुद्रा बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 79 लाख 85 हजार 493 रुपये नकद, 1,000 अमेरिकी डॉलर और अन्य विदेशी मुद्राएं बरामद की गई हैं। ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर मंदिर के सेवकों, गणनाकर्मियों, पूर्व बैंक अधिकारी समेत आठ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
चंपतराय और अनिल मिश्र के इस्तीफे की चर्चा, ट्रस्ट ने किया खंडन
मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र के इस्तीफे की खबरें दिनभर सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर चर्चा का विषय बनी रहीं। हालांकि ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि दोनों पदाधिकारियों ने इस्तीफा नहीं दिया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई धाराओं में केस
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। नए बीएनएसएस प्रावधानों के तहत पुलिस विवेचना के किसी भी चरण में न्यायालय से पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
एसआईटी जांच के बाद हुई एफआईआर
मामले की शुरुआत 5 जून को हुई थी, जब करोड़ों रुपये के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
नियुक्तियों की भी होगी जांच
पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि चढ़ावे की गणना के कार्य में आरोपियों की नियुक्ति किसकी सिफारिश पर हुई। जांच के दायरे में बैंक अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी शामिल होगी। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गणना में करीब 40 लोग शामिल थे।
चांदी की ईंटें और कागभुशुंडि सुरक्षित
मंदिर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है कि दान में मिले चांदी के कागभुशुंडि और चांदी की ईंटें पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट के अनुसार, चांदी की ईंटों को सिल्वर बार में बदलकर भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा गया है।


