नई दिल्ली — Red Fort Blast Case में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। 10 नवंबर 2025 को हुए इस कार बम धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। धमाके की आवाज ने पुरानी दिल्ली की गलियों को हिला दिया था।
धमाके के बाद दहल गई थी राजधानी
जांच एजेंसियों के अनुसार विस्फोट लाल किला इलाके के पास खड़ी एक कार में हुआ था। धमाका इतना तेज था कि आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उस रात इलाके में धुएं का गुबार देर तक दिखाई देता रहा। लोग घबराकर सड़कों पर भागते नजर आए। घटना के बाद दिल्ली पुलिस, NIA और फॉरेंसिक टीम ने संयुक्त जांच शुरू की थी। अब एजेंसी ने पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल करते हुए दावा किया है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला अंजाम दिया।
7500 पन्नों की चार्जशीट में क्या?
सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, विस्फोटक सामग्री की खरीद और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े कई दस्तावेज शामिल हैं। जांच एजेंसी ने तकनीकी डेटा और CCTV फुटेज को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है। चार्जशीट तैयार करने में महीनों लगे। जांच टीम ने कई राज्यों में छापेमारी की और संदिग्धों से पूछताछ की। एजेंसी का दावा है कि हमले के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
घटनास्थल का मंजर आज भी लोगों को याद
पुरानी दिल्ली के स्थानीय व्यापारी आज भी उस रात को याद कर सिहर उठते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि धमाके के बाद कुछ सेकंड तक कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। हवा में धूल और जलने की गंध भर गई थी। सड़क पर चीख-पुकार मची हुई थी। धमाके में घायल हुए कुछ लोग अब भी इलाज और मानसिक आघात से जूझ रहे हैं। एक परिवार ने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया। अदालत परिसर के बाहर उनके चेहरे पर अब भी इंतजार और दर्द साफ दिखाई देता है।


