- विवाद की जड़: राजातालाब इलाके के एक मुस्लिम वकील ने सोशल मीडिया स्टेटस पर हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखीं।
- ऑन-फील्ड एक्शन: आक्रोशित हिंदू संगठनों ने सिविल लाइन थाने का घेराव किया और तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
- प्रशासनिक दखल: पुलिस ने आरोपी वकील के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है; इलाके में शांति बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाई गई।
Chhattisgarh Social Media Monitoring , रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का राजातालाब इलाका रविवार रात ‘सेंसिटिव जोन’ में तब्दील हो गया। एक मुस्लिम वकील द्वारा सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं और हिंदुत्व के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी ने शहर का पारा चढ़ा दिया है। वकील ने रमजान की बधाई देने के बहाने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला स्टेटस लगाया, जो मिनटों में वायरल हो गया। इसके बाद हिंदू संगठनों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए थाने पर ‘फुल-कोर्ट प्रेस’ कर दिया।
ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: सोशल मीडिया स्टेटस से सड़क पर संग्राम
विवाद तब शुरू हुआ जब एडवोकेट ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। पोस्ट में न केवल देवी-देवताओं पर टिप्पणी थी, बल्कि “हिंदू इबादत क्या जाने, ये लोग काफिर” जैसे भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस ‘अनस्पोर्ट्समैनलाइक’ व्यवहार ने समुदायों के बीच तनाव पैदा कर दिया।
जैसे ही यह खबर फैली, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने पर जमा हो गए। भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए IPC की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
“सोशल मीडिया पर वायरल विवादित पोस्ट का संज्ञान लिया गया है। हमने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।”
— रायपुर पुलिस अधिकारी (सिविल लाइन थाना)
यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया पर एक छोटी सी भड़काऊ टिप्पणी कैसे कानून-व्यवस्था के लिए ‘रेड अलर्ट’ बन सकती है। पुलिस के लिए चुनौती अब केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि अफवाहों को फैलने से रोकना भी है। आने वाले 24 घंटे संवेदनशील हैं। रायपुर साइबर सेल सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रही है। शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से नागरिकों को शांति बनाए रखने और किसी भी भड़काऊ पोस्ट को शेयर न करने की हिदायत दी गई है। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने फिलहाल बड़े टकराव को टाल दिया है, लेकिन तनाव की लहर अभी पूरी तरह थमी नहीं है।



