- बड़ा बेड़ा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक साथ 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के कोने-कोने के लिए रवाना किया।
- टाइमिंग का टार्गेट: नई व्यवस्था के तहत अब शहरी इलाकों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर 108 सेवा पहुंचेगी।
- स्पेशल स्क्वाड: बेड़े में पहली बार 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शामिल की गई हैं, जो नवजात शिशुओं के लिए ‘चलता-फिरता ICU’ साबित होंगी।
Chhattisgarh New Ambulance Service 2026 , रायपुर — छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के ‘स्कोरबोर्ड’ को मजबूत करने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को रायपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 370 नई एम्बुलेंस को मैदान में उतारा। यह कदम प्रदेश की 108 एम्बुलेंस सेवा को पूरी तरह से अपग्रेड करने के मिशन का हिस्सा है। सरकार का सीधा लक्ष्य ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीजों तक बिना किसी देरी के पहुंचना है, ताकि कीमती जिंदगियों को बचाया जा सके।
मैदान पर नई ‘फील्डिंग’: BLS और ALS एम्बुलेंस का कॉम्बिनेशन
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार केवल गाड़ियां नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि तकनीक और विशेषज्ञता पर भी फोकस किया है। बेड़े का विभाजन कुछ इस तरह किया गया है कि हर गंभीर स्थिति को संभाला जा सके।
- बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS): कुल 300 एम्बुलेंस सामान्य आपातकालीन स्थितियों के लिए तैनात की गई हैं।
- एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS): 70 एम्बुलेंस वेंटिलेटर और अन्य लाइफ-सेविंग मशीनों से लैस हैं।
- नियोनेटल यूनिट: 5 विशेष ALS एम्बुलेंस केवल नवजात बच्चों के नाजुक मामलों को हैंडल करेंगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में देरी का मतलब हार है, और उनकी सरकार इस ‘मैच’ को हर हाल में जीतना चाहती है। एम्बुलेंस की संख्या बढ़ने से अब लोड कम होगा और कॉल रिस्पॉन्स टाइम में भारी सुधार देखने को मिलेगा।
“हमारा संकल्प हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। ये 370 एम्बुलेंस केवल गाड़ियां नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के लिए सुरक्षा कवच हैं। हमने सुनिश्चित किया है कि गांव हो या शहर, 108 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो ताकि समय पर इलाज मिल सके।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़



