वाशिंगटन/नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों के बेहद करीब है और अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर ऐसे भीषण हमले किए जाएंगे, जो उसे “पाषाण युग” (Stone Age) में धकेल देंगे।
“जीत हमारे हाथ में है”: ट्रंप का बड़ा दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
“हमने ईरान की कमर तोड़ दी है। उनकी नौसेना अब लगभग अस्तित्वहीन है, उनकी वायुसेना को हमने पंगु बना दिया है और उनके कई शीर्ष कमांडर मारे जा चुके हैं। हम इस युद्ध को खत्म करने के अंतिम चरण में हैं।”
ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका का मकसद केवल जीतना नहीं, बल्कि ईरान की सैन्य क्षमता को इस हद तक नष्ट करना है कि वह दशकों तक दोबारा खड़ा न हो सके।
इजरायल के साथ मिलकर ‘महायुद्ध’ की तैयारी
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका और इजरायल इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। उन्होंने मध्य पूर्व में अपने सहयोगियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर अपने दोस्तों (इजरायल, सऊदी अरब, और यूएई) को नुकसान नहीं होने देगा।
विश्व मंच पर हड़कंप
ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में तनाव चरम पर पहुंच गया है। जहां एक ओर इजरायल ने ट्रंप के बयान का स्वागत किया है, वहीं ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि तेहरान में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकें जारी हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान एक बड़े हवाई हमले का संकेत हो सकता है जो ईरान के तेल क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।



