तेहरान/नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026। मध्य-पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए सनसनी फैला दी है। ईरानी सेना (IRGC) और पुलिस कमांडो यूनिट ने दावा किया है कि उन्होंने इसाफहान (Isfahan) के दक्षिणी इलाके में अमेरिकी वायुसेना के एक C-130 हरक्यूलिस मालवाहक विमान को मार गिराया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में चालक दल के 5 सदस्यों की मौत हो गई है।
लापता पायलट को बचाने निकला था विमान
यह घटना तब हुई जब अमेरिका अपने एक लापता पायलट को खोजने के लिए रेस्क्यू मिशन चला रहा था। ज्ञात हो कि शुक्रवार को ईरान ने एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था। उस विमान का एक पायलट सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर ईरानी सीमा के भीतर लापता था। इसी लापता सैनिक को बचाने के लिए अमेरिका ने C-130 विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भेजे थे।
‘फराज रेंजर्स’ ने भारी गोलाबारी से किया ढेर
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ के अनुसार:
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इस विमान को ईरान की विशेष पुलिस कमांडो यूनिट ‘फराज रेंजर्स’ (Faraj Rangers) ने निशाना बनाया।
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कमांडो यूनिट ने जमीन से भारी और सटीक गोलाबारी कर विमान को उस समय मार गिराया जब वह बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था।
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ईरानी अधिकारियों का दावा है कि C-130 के साथ-साथ दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है।
अमेरिका का पक्ष: “हमने खुद नष्ट किया विमान”
ईरान के दावों के विपरीत, कुछ अमेरिकी रक्षा सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे वॉल स्ट्रीट जर्नल) का कहना है कि रेस्क्यू मिशन के दौरान दो MC-130J विमान तकनीकी कारणों या दलदली जमीन में फंस गए थे। दुश्मन के हाथ संवेदनशील तकनीक न लग जाए, इसलिए अमेरिकी सेना ने ‘प्रोटोकॉल’ के तहत अपने विमानों को खुद ही बम से उड़ा दिया। हालांकि, पेंटागन ने अभी तक हताहतों की संख्या पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
इलाके में दहशत का माहौल
ईरानी मीडिया ने मलबे की कुछ पुरानी तस्वीरें जारी कर मनोवैज्ञानिक युद्ध शुरू कर दिया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संक्षिप्त टिप्पणी में कहा है कि इन घटनाओं से शांति वार्ता की कोशिशों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जमीनी हकीकत भीषण युद्ध की ओर इशारा कर रही है।



