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नई व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
प्रशासन की ओर से जारी नई गाइडलाइन के तहत सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई गई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सुबह से ही लोग कतारों में खड़े नजर आए। कई श्रद्धालु फूल, नारियल और प्रसाद लेकर पहुंचे। गर्भगृह के बाहर सुरक्षा बल तैनात रहे और सीमित संख्या में लोगों को अंदर प्रवेश दिया गया।
महाआरती से पहले पुजारियों ने पारंपरिक विधि से शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद मां वाग्देवी की विशेष पूजा शुरू हुई। धूप, दीप और शंखनाद के बीच पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। एक पल ऐसा भी आया जब आरती के दौरान मौजूद श्रद्धालुओं ने एक साथ जयकारे लगाए। वातावरण में कंपन साफ महसूस हो रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नई गाइडलाइन के बाद व्यवस्थाएं पहले से ज्यादा नियंत्रित दिखाई दीं। भीड़ के बावजूद अफरा-तफरी नहीं हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी।
इतिहास और आस्था के बीच फिर बढ़ी हलचल
भोजशाला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक चर्चा का केंद्र रही है। ऐसे में नई व्यवस्था के बाद शुरू हुई पूजा-अर्चना ने लोगों का ध्यान फिर इस स्थल की ओर खींचा है। आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे। कई परिवार बच्चों के साथ दर्शन करने आए। मंदिर परिसर के बाहर प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ दिखाई दी। एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा कि वर्षों बाद उन्हें इतनी व्यवस्थित पूजा देखने को मिली। वहीं कुछ युवा श्रद्धालु मोबाइल में आरती रिकॉर्ड करते नजर आए। सुबह की हल्की हवा और मंत्रोच्चार ने माहौल को अलग ही रूप दे दिया।


