तेज रफ्तार, चीख-पुकार और पलभर में बिखर गई यात्रा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस के भीतर फंसे यात्री मदद के लिए चिल्लाते रहे। आसपास के ग्रामीण सबसे पहले दौड़कर पहुंचे। किसी ने शीशा तोड़ा, किसी ने घायल बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला।
हादसे में कवर्धा निवासी और दोरनापाल में पदस्थ शिक्षिका पद्मनी चंद्रवंशी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 15 अन्य यात्री घायल हुए हैं। घायल सवारियों को 108 एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से डिमरापाल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर लंबा जाम लग गया। जेसीबी की मदद से पलटी बस को हटाया गया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। सड़क पर बिखरे बैग, टूटी सीटें और शीशे हादसे की भयावह तस्वीर बयान कर रहे थे।
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मानसून से पहले हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार बसें लगातार खतरा बन रही हैं। कई बार शिकायत के बाद भी ओवरस्पीडिंग पर सख्ती नहीं दिखी। रविवार का हादसा फिर उसी डर को सामने ले आया।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद कुछ मिनटों तक सिर्फ चीखें सुनाई दे रही थीं। धूल और धुएं के बीच लोग अपने परिजनों को खोज रहे थे। माहौल बेहद दर्दनाक था।


