New Delhi/West Bengal। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और All India Trinamool Congress प्रमुख Mamata Banerjee के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
जानकारी के अनुसार, यह शिकायत वकील Rinki Chattopadhyay Singh द्वारा 20 मई को Siliguri Cyber Crime Police Station में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ममता बनर्जी की कुछ टिप्पणियों से सनातन हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
वकील रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था और लगातार फॉलो-अप के बाद मामला दर्ज किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि ममता बनर्जी द्वारा वर्ष 2025 में एक धार्मिक कार्यक्रम और विधानसभा चुनाव से पहले धर्मतला में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयान आपत्तिजनक थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन बयानों से देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों सनातनी हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि “अगर कोई खास समुदाय चाहे तो वह पांच मिनट में दूसरों को खत्म कर सकता है।” शिकायतकर्ता ने इसे भड़काऊ और असंवैधानिक बयान बताया है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें आपराधिक धमकी, जानबूझकर अपमान, गलत बयान फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और आपराधिक मानहानि से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
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Siliguri Police Commissionerate के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी के मुताबिक, एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या टीएमसी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



