QR Code on Medicine : नई दिल्ली। देश में नकली और घटिया दवाओं पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। अब कई दवा कंपनियां अपनी दवाओं की पैकेजिंग पर QR कोड उपलब्ध करा रही हैं, जिसे स्मार्टफोन से स्कैन करते ही दवा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपभोक्ताओं के सामने आ जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को सही और प्रमाणिक दवा उपलब्ध कराना तथा नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाना है।
QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
दवा के पैकेट पर लगे QR कोड को मोबाइल फोन से स्कैन करने पर उपभोक्ता को दवा का नाम, निर्माता कंपनी, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और अन्य जरूरी विवरण आसानी से दिखाई देंगे। इससे मरीज यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि उनके हाथ में मौजूद दवा असली है और उसकी जानकारी पैकेज पर दर्ज विवरण से मेल खाती है।
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नकली दवाओं पर लगेगी लगाम
विशेषज्ञों का मानना है कि QR कोड आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से नकली दवाओं की पहचान करना आसान होगा। इससे दवा की सप्लाई चेन अधिक पारदर्शी बनेगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होने पर संबंधित बैच का पता लगाना भी आसान होगा। यह व्यवस्था मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ दवा कंपनियों और नियामक एजेंसियों के लिए भी निगरानी को मजबूत करेगी।
उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा?
QR कोड प्रणाली लागू होने के बाद मरीज दवा खरीदते समय उसकी प्रामाणिकता स्वयं जांच सकेंगे। इससे गलत या नकली दवा मिलने की आशंका कम होगी। यदि किसी दवा की जानकारी स्कैन करने पर उपलब्ध नहीं होती या पैकेट पर दर्ज जानकारी से मेल नहीं खाती, तो उपभोक्ता सतर्क हो सकते हैं और संबंधित विक्रेता या अधिकारियों को इसकी सूचना दे सकते हैं।
डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। QR कोड आधारित व्यवस्था भी इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे दवाओं की ट्रेसबिलिटी बेहतर होगी, गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा और मरीजों का भरोसा भी बढ़ेगा। भविष्य में इस तरह की तकनीक दवा वितरण प्रणाली को और अधिक सुरक्षित तथा पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें। दवा का पैकेट सही स्थिति में हो, निर्माण और एक्सपायरी तिथि अवश्य जांचें तथा जहां QR कोड उपलब्ध हो, उसे स्कैन करके जानकारी का मिलान करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध दवा मिलने पर तुरंत संबंधित स्वास्थ्य विभाग या दवा नियामक अधिकारियों को सूचना दें। जागरूक उपभोक्ता ही नकली दवाओं के कारोबार पर सबसे प्रभावी रोक लगा सकते हैं।


