तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei को अंतिम विदाई देने के लिए शनिवार को राजधानी तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिया परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान कई लोग मातम मनाते और छाती पीटते नजर आए। समारोह के दौरान कुछ समूहों ने अमेरिका विरोधी और बदले से जुड़े नारे भी लगाए।
खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में 3 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेंगी। शुक्रवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। हालांकि रूस, चीन, भारत और तुर्किये सहित कई देशों ने शीर्ष नेताओं के बजाय निचले स्तर के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में भेजा।
कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार
अंतिम संस्कार को लेकर तेहरान में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और सरकारी भवनों के बाहर सेना और पुलिस की भारी तैनाती की गई है। मुख्य मार्गों पर सैन्य वाहनों की लगातार निगरानी जारी है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
आम लोगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए तेहरान में मेट्रो और सरकारी बस सेवाएं निःशुल्क संचालित की गईं। इसके अलावा होटलों के किराए में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई तथा स्कूलों और मस्जिदों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई। अन्य शहरों से आने वाले लोगों के लिए विशेष ट्रेनों का भी संचालन किया गया।
ट्रम्प का दावा
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के मद्देनजर ईरान को “एक सप्ताह का समय” दिया है। ट्रम्प ने कहा कि यह निर्णय मानवीय आधार पर लिया गया है। हालांकि उनके इस बयान पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कार्यक्रम के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई तथा संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और उन्होंने पूर्व सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि अर्पित की।


