CG Education News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं की पाठ्यपुस्तकों में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। नई किताबों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली, गतिविधि आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम पाठ्यक्रम और विषयवस्तु की समीक्षा में जुट गई है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप होगा पाठ्यक्रम
SCERT नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। नई किताबों में केवल रटने वाली पढ़ाई पर जोर देने के बजाय विद्यार्थियों की समझ, रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी जाएगी।
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इसके साथ ही स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण, विज्ञान, तकनीक और जीवन कौशल से जुड़े विषयों को भी पाठ्यक्रम में प्रभावी ढंग से शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
गतिविधि आधारित होगी पढ़ाई
नई पुस्तकों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाएगी। किताबों में प्रोजेक्ट वर्क, समूह गतिविधियां, प्रयोग, चित्र आधारित अभ्यास, प्रश्नोत्तरी और वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरण शामिल किए जाएंगे, ताकि छात्र विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की शिक्षण प्रणाली से बच्चों में जिज्ञासा बढ़ेगी और सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक बनेगी।
स्थानीय संदर्भ और भारतीय ज्ञान परंपरा पर भी फोकस
SCERT नई पुस्तकों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं, इतिहास, भूगोल और स्थानीय जीवन से जुड़े विषयों को भी उचित स्थान देने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है, ताकि वे आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी जड़ों को भी समझ सकें।
विशेषज्ञों की टीम कर रही है समीक्षा
नई किताबों को तैयार करने के लिए विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और अनुभवी शिक्षकों की टीम गठित की गई है। यह टीम मौजूदा पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा कर रही है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप आवश्यक बदलावों पर काम कर रही है।
नई पुस्तकों में भाषा को सरल और सहज बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी विषयों को आसानी से समझ सकें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि नई पाठ्यपुस्तकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध होगी। बदलते समय और नई तकनीकों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा, जिससे बच्चों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना विकसित हो सके।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यपुस्तकों में होने वाले ये बदलाव राज्य की स्कूली शिक्षा को नई दिशा देंगे। आने वाले शैक्षणिक सत्रों में इन नई पुस्तकों के लागू होने के बाद विद्यार्थियों को अधिक व्यावहारिक, रोचक और रोजगारोन्मुख शिक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।


