नई दिल्ली: CJP Jantar Mantar Protest को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज 33वां दिन है। मंगलवार रात लगातार तीसरी रात भी हजारों प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर डटे रहे। इनमें संसद मार्च के दौरान घायल हुए कई प्रदर्शनकारी भी शामिल रहे।
CJP का कहना है कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अब बातचीत के लिए सरकार को ही जंतर-मंतर आना होगा।
इसी बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख अपडेट
- जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारियों ने तीसरी रात भी खुले आसमान के नीचे बिताई।
- संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी समर्थकों को रिहा कर दिया गया।
- दिल्ली पुलिस ने RAF के जवान पर कथित हमले और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ के मामले में FIR दर्ज की।
- CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दाहिया को पद से हटा दिया।
- विपक्ष के कई प्रमुख नेता, जिनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह शामिल हैं, धरनास्थल पर पहुंचे।
CJP ने सरकार को दी चेतावनी
धरनास्थल पर पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई का संसद मार्च केवल “ट्रेलर” था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार श्री विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश.
पुलिस की कार्रवाई जारी
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो के आधार पर RAF के जवान से मारपीट, सरकारी वाहन पर पथराव और तोड़फोड़ के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
CJP Jantar Mantar Protest लगातार राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और व्यापक रूप लेता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


