EOW’ रायपुर। कोल लेवी घोटाले के बाद अब आबकारी घोटाला मामले में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने उन्हें गिरफ्तार किया है। कोल लेवी घोटाले में पहले से गिरफ्तार रामगोपाल अग्रवाल की 14 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें एसीबी/ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया।
पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप
जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल से कई महत्वपूर्ण सवाल किए गए, लेकिन वे कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अधिकारियों का दावा है कि वित्तीय लेन-देन, कथित फर्जी कंपनियों और संदिग्ध खातों से जुड़े दस्तावेजों के बारे में उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
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हालांकि, जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि अग्रवाल ने किन सवालों के जवाब नहीं दिए। मामले की जांच अभी जारी है।
अदालत में पेशी के दौरान बढ़ी सुरक्षा
विशेष अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अदालत परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। ईओडब्ल्यू ने अदालत से आगे की जांच के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की, जबकि बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक
वहीं कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि कानून के तहत पूरी प्रक्रिया का सामना किया जाएगा और अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
कोल लेवी और आबकारी मामलों से जुड़े हैं आरोप
रामगोपाल अग्रवाल का नाम पहले से चर्चित कोल लेवी घोटाले में सामने आया था। अब आबकारी घोटाला मामले में भी उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित अवैध लेन-देन और आर्थिक अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही।


