CG Crime : रायपुर।’ छत्तीसगढ़। प्रदेश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला पर कथित रूप से जादू-टोना करने का आरोप लगाकर न केवल उसे बल्कि उसके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। आरोप है कि गांव के लोगों ने परिवार से मेलजोल बंद कर दिया, उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों से अलग कर दिया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद कार्रवाई करते हुए 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जादू-टोना का आरोप लगाकर किया बहिष्कार
जानकारी के अनुसार, गांव में रहने वाली एक महिला पर कुछ लोगों ने जादू-टोना करने का आरोप लगाया। इसके बाद ग्रामीणों के एक समूह ने महिला और उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फैसला कर लिया। परिवार के सदस्यों को गांव के सार्वजनिक कार्यक्रमों, बैठकों और सामाजिक गतिविधियों से दूर रखा गया। इतना ही नहीं, उनके साथ सामान्य व्यवहार भी बंद कर दिया गया।
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पीड़ित परिवार का कहना है कि इस बहिष्कार के कारण उन्हें मानसिक तनाव, सामाजिक अपमान और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने पुलिस थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के कई लोगों ने मिलकर अंधविश्वास फैलाया और उनके परिवार को समाज से अलग-थलग करने का प्रयास किया।
पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की।
23 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर सामाजिक बहिष्कार, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को अंधविश्वास के आधार पर प्रताड़ित करना या उसके मौलिक अधिकारों का हनन करना कानूनन अपराध है।
अंधविश्वास के खिलाफ कानून का संदेश
छत्तीसगढ़ सहित देश के कई हिस्सों में आज भी जादू-टोना और टोनही जैसी मान्यताओं के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। महिलाओं को अक्सर ऐसे आरोपों का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कहता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंधविश्वास सामाजिक समरसता को कमजोर करता है और इससे निर्दोष लोगों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर असर पड़ता है।


