CG Crime News : डोंगरगढ़। ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन पटेल और नितिन पटेल के रूप में हुई है, जो डोंगरगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों की पहचान की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रायपुर के हवाले कर दिया गया है।
यात्रियों को बनाते थे निशाना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। मौका मिलते ही वे यात्रियों के बैग, नकदी और कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू की।
यात्रियों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का अभियान चलाया गया।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
जांच के दौरान रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दोनों संदिग्धों की गतिविधियां स्पष्ट दिखाई देने के बाद उनकी पहचान की गई। इसके बाद आरपीएफ की टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क की वजह से आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका।
पूछताछ में कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ट्रेन में चोरी की वारदातों में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और क्या उनके साथ कोई अन्य साथी भी इस गिरोह में शामिल है।
जांच एजेंसियां आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में उनकी गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही हैं।
जीआरपी रायपुर को सौंपे गए आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रायपुर के सुपुर्द कर दिया गया है। जीआरपी अब मामले में विस्तृत पूछताछ कर चोरी गए सामान की बरामदगी और अन्य संभावित मामलों की जांच करेगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का संबंध किसी संगठित चोरी गिरोह से तो नहीं है।


