CG Traffic News : रायपुर। राजधानी रायपुर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। जिन लोगों के वाहनों के पुराने ई-चालान लंबित हैं और वे अब तक उनका भुगतान नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने विशेष पहल की है। विभाग ने वर्ष 2025-26 के दौरान जारी हुए चयनित ई-चालानों का निपटारा आगामी नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए पात्र वाहन चालकों को 8 सितंबर 2026 तक अपना पंजीयन कराना होगा।
यातायात पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लंबित प्रकरणों का त्वरित और सरल समाधान उपलब्ध कराना तथा लोगों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत देना है।
किन चालानों का होगा निपटारा?
सूचना के अनुसार, 23 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच जारी हुए ऐसे ई-चालान, जो वर्तमान में न्यायालयीन प्रक्रिया में लंबित हैं, उन्हें नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निपटाने का अवसर दिया जाएगा।
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इस व्यवस्था का लाभ केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकृत होंगे और लोक अदालत के लिए पात्र होंगे।
8 सितंबर तक कराना होगा पंजीयन
वाहन चालकों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए 8 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन कराना होगा। समयसीमा के भीतर आवेदन करने वाले मामलों को आगामी नेशनल लोक अदालत में रखा जाएगा।
यातायात पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लें।
अदालत के चक्कर और लंबी प्रक्रिया से मिलेगी राहत
लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निपटारे से वाहन चालकों को बार-बार अदालत जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही, लंबे समय से लंबित मामलों का भी तेजी से समाधान हो सकेगा।
यातायात विभाग का मानना है कि इस पहल से बड़ी संख्या में लंबित ई-चालानों का निस्तारण संभव होगा और न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से भविष्य में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करना प्रत्येक वाहन चालक की जिम्मेदारी है।
विभाग ने यह भी कहा कि ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।


