CG News : सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक घटना सामने आई है। जिले के प्रतापपुर विकासखंड के दूरस्थ भेल कच्छ गांव में सड़क सुविधा के अभाव और रास्ते पर कथित अवैध कब्जे के कारण 108 एंबुलेंस गर्भवती महिला के घर तक नहीं पहुंच सकी। समय पर अस्पताल ले जाना संभव नहीं होने से प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की खेत के बीच ही डिलीवरी करानी पड़ी। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।
एंबुलेंस रास्ते में ही रुकी, अस्पताल नहीं पहुंच सकी महिला
ग्रामीणों के अनुसार, प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस गांव तक पहुंची, लेकिन खराब सड़क और रास्ते पर कथित अतिक्रमण के कारण वाहन महिला के घर तक नहीं जा सका। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को पैदल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी प्रसव पीड़ा तेज हो गई।
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स्थिति को देखते हुए खेत में ही सुरक्षित प्रसव कराने की व्यवस्था करनी पड़ी।
खेत में हुआ प्रसव, मां और नवजात सुरक्षित
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से महिला की खेत में ही डिलीवरी कराई गई। प्रसव के बाद मां और नवजात की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई। बाद में दोनों को आगे की चिकित्सकीय देखभाल के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मां और नवजात की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों में नाराजगी, सड़क निर्माण की मांग तेज
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि गांव में लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रास्ते पर कथित अवैध कब्जे के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क संपर्क की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सफलता के लिए सड़क संपर्क सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि एंबुलेंस समय पर मरीज तक नहीं पहुंच पाएगी, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से गांव की सड़क समस्या का स्थायी समाधान करने, कथित अवैध कब्जों की जांच कराने और गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर मरीजों के लिए निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।


