Supreme Court’ रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की है। हालांकि अदालत ने यह राहत कुछ निर्धारित शर्तों के साथ दी है, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति और कानूनी हलकों में मामले को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत देने का आदेश जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत अस्थायी है और मामले के अंतिम निर्णय पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही, जमानत की अवधि के दौरान उन्हें न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।
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शर्तों के साथ मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी लगाई हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार अनवर ढेबर को जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा। बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक रहेगी और यदि जांच एजेंसी को आवश्यकता होगी तो उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होना पड़ेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर राहत वापस ली जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला राज्य के सबसे चर्चित मामलों में से एक है। इस मामले में सरकारी शराब नीति के संचालन, शराब की बिक्री और कथित अवैध लेन-देन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है और जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ के साथ-साथ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। अनवर ढेबर भी इसी मामले में आरोपी हैं और लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी
सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। वहीं, अदालत में भी इस मामले की सुनवाई आगे निर्धारित तिथियों पर जारी रहेगी।


