CG Accident : बिलासपुर, 21 जुलाई। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण यात्रियों से भरा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर में सवार 19 लोगों में से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य घायलों को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर में ग्रामीण एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। रास्ते में वाहन तेज रफ्तार में था और चालक नियंत्रण खो बैठा। बताया जा रहा है कि मोड़ के पास ट्रैक्टर अचानक असंतुलित हुआ और सड़क किनारे पलट गया।
हादसा इतना भीषण था कि कई लोग ट्रॉली के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला।
मौके पर हुई दो लोगों की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर के नीचे फंसे लोगों को निकालने में पुलिस और प्रशासन की मदद की।
सूचना मिलने पर पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीड और वाहन में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि चालक से पूछताछ की जाएगी और वाहन के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यदि लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैक्टर में सफर पर फिर उठे सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोगों को बैठाकर ले जाने की प्रथा आम है, जबकि यह सुरक्षित परिवहन का साधन नहीं माना जाता। इस हादसे के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों में यात्रियों को ढोने पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।


