CG Politics : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आदिवासी कांग्रेस ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी का गठन किया है। प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव के नेतृत्व में गठित इस नई टीम में प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। नई कार्यकारिणी में 32 जिलाध्यक्षों सहित विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी का कहना है कि इस संगठनात्मक विस्तार का उद्देश्य प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाना है।
नई टीम में कई नेताओं को मिली जिम्मेदारी
जारी सूची के अनुसार, संगठन में विभिन्न स्तरों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। प्रदेश कार्यकारिणी में वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी स्थान दिया गया है। जिला स्तर पर 32 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के अलावा कई उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, प्रवक्ता और अन्य पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन का मानना है कि नई टीम अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित मिश्रण होगी, जिससे पार्टी की गतिविधियों को और गति मिलेगी।

जनक ध्रुव के नेतृत्व में संगठन को मिलेगी नई दिशा
प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव ने नई कार्यकारिणी के गठन को संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य राज्य के हर जिले और ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत बनाना है।
उन्होंने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों से पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही जनता के बीच पार्टी की ताकत को बढ़ाएगी।
आदिवासी समाज के मुद्दों पर रहेगा विशेष फोकस
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही आदिवासी कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनाधिकार और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर संगठन सक्रिय भूमिका निभाएगा।
पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत बनाकर जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे।
संगठनात्मक मजबूती पर कांग्रेस का जोर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए कांग्रेस अपने विभिन्न प्रकोष्ठों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। आदिवासी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नई टीम को संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और जनसंपर्क कार्यक्रमों की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है, ताकि पार्टी की पहुंच जमीनी स्तर तक और मजबूत हो।


