CG Vidhansabha Monsoon Session : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र की शुरुआत के बाद अब विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी के बीच सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। इस दौरान विधायक अलग-अलग विभागों से जुड़े सवाल उठाएंगे और सरकार की ओर से जवाब दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री रहेंगे मौजूद
विधानसभा की कार्यवाही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री लखन लाल देवांगन और मंत्री गजेंद्र यादव अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे।
सरकार की ओर से विभागीय उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी भी सदन में रखी जा सकती है। वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठाने की तैयारी में है।
कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए घेरेगी सरकार को
मानसून सत्र के दूसरे दिन सबसे ज्यादा नजर कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर रहेगी। विपक्ष का कहना है कि वह प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक फैसलों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सदन में अपनी बात रखेगा।
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्ष सरकार के खिलाफ अपने आरोप और तर्क पेश करेगा, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाब दिया जाएगा। ऐसे में सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
कई जनहित के मुद्दों पर चर्चा संभव
सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जा सकते हैं। इनमें कानून व्यवस्था, किसानों से जुड़े विषय, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और विकास कार्यों से संबंधित मामले शामिल हो सकते हैं।
विपक्ष जहां सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सदन के सामने रखने की कोशिश करेगा।
सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर तैयारियां पूरी
विधानसभा सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। सदन के अंदर और बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष और प्रशासन की ओर से सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई है।
पांच दिवसीय मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी है। लेकिन दूसरे दिन कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के कारण राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना है।


