CBI की एंट्री से दफ्तर में मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, खदान कर्मी ने शिकायत की थी कि पीएफ भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले उससे रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने ट्रैप प्लान तैयार किया। रविवार को जैसे ही आरोपी क्लर्क ने पैसे लिए, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।
कार्यालय के भीतर अचानक बढ़ी हलचल ने कर्मचारियों को चौंका दिया। कई लोग अपनी सीटों से उठकर बाहर आ गए। फाइलों की जांच शुरू हुई। कुछ देर तक ऑफिस के गलियारों में सिर्फ एक ही चर्चा रही— “सीबीआई आ गई है।” सूत्रों के अनुसार, आरोपी कर्मचारी एसईसीएल कुसमुंडा के सीएमपीएफ सेक्शन में लंबे समय से कार्यरत था। फिलहाल सीबीआई दस्तावेज खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इससे बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
मजदूरों की परेशानी बनी रिश्वतखोरी की वजह?
कोयला खदान क्षेत्रों में पीएफ निकासी मजदूरों के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा माना जाता है। कई कर्मचारी रिटायरमेंट, इलाज या पारिवारिक जरूरतों के लिए इस रकम पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में रिश्वत मांगने के आरोप ने कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है। एक स्थानीय कर्मचारी ने बताया कि लोग महीनों तक फाइलें लेकर दफ्तरों के चक्कर काटते हैं। “जब पैसा अटकता है तो मजदूर टूट जाता है,” उसने कहा। उसकी आवाज में गुस्सा साफ महसूस हो रहा था।


