मणिपाल के छात्र की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई
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यह पूरा मामला एमआईटी मणिपाल के एक छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी से जुड़ा है। आरोपी को रेप के आरोपों के तहत 5 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में रखा गया है। आरोपी की तरफ से हाईकोर्ट में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की वकील आयंतिका मंडल ने दलील दी कि यह मामला करीब तीन साल पुरानी एक घटना से संबंधित है और उनका मुवक्किल पिछले दो महीने से जेल में बंद है। वकील ने कोर्ट के सामने तर्क दिया कि लगातार हिरासत में रहने के कारण छात्र के पेशेवर भविष्य और करियर पर बुरा असर पड़ रहा है।
अदालत ने आरोपी को कोई भी तात्कालिक राहत देने से मना करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर आप नमक खाएंगे तो आपको पानी पीना ही पड़ेगा।” कोर्ट ने कहा कि आरोपी को अभी कुछ दिन और जेल के माहौल में ढलने दिया जाए, क्योंकि अगर आगे चलकर वह दोषी पाया जाता है तो उसे लंबी सजा काटनी पड़ सकती है।
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सरकार को नोटिस जारी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस बेहद संवेदनशील मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जून 2026 की तारीख तय की है। तब तक आरोपी को सलाखों के पीछे ही रहना होगा। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद कानूनी गलियारों और सोशल मीडिया पर खाड़ी देशों जैसे सख्त दंडात्मक प्रावधानों बनाम लोकतांत्रिक मानवाधिकारों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।




