IND vs ENG T20 : नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में टीम इंडिया की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। नए कप्तान Shreyas Iyer’ के नेतृत्व में भारतीय टीम को लगातार दूसरे मुकाबले में भी हार का सामना करना पड़ा। शनिवार को मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराकर सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। इस हार के साथ ही कप्तान बनते ही श्रेयस अय्यर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर में नहीं देखना चाहेगा।
लगातार दो हार से बढ़ा दबाव
श्रेयस अय्यर ने हाल ही में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली है, लेकिन शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। टीम इंडिया पहले मुकाबले में भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी और अब दूसरे मैच में मिली हार के बाद भारतीय टीम सीरीज में लगातार दो मुकाबले गंवा चुकी है। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ गया है।
कप्तानी की शुरुआत में जुड़ा अनचाहा रिकॉर्ड
लगातार दो टी20 मुकाबले हारने के साथ ही श्रेयस अय्यर उन भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनकी कप्तानी की शुरुआत हार के साथ हुई। नए कप्तान के तौर पर यह रिकॉर्ड निश्चित रूप से उनके लिए निराशाजनक है। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी कप्तान का मूल्यांकन केवल शुरुआती मैचों के आधार पर नहीं किया जा सकता और अय्यर के पास खुद को साबित करने के लिए अभी पूरा मौका है।
तीसरे मुकाबले में वापसी की चुनौती
अब पूरी नजर सीरीज के अगले मुकाबले पर है। यदि भारतीय टीम तीसरा मैच भी हार जाती है तो उसे लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ेगा और सीरीज में वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी। ऐसे में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। खासकर शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से बड़ी साझेदारी और गेंदबाजों से डेथ ओवरों में सटीक प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत?
दूसरे टी20 में भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में कुछ कमियां देखने को मिलीं। मध्यक्रम अपेक्षित रन गति नहीं बनाए रख सका, जबकि गेंदबाज भी महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेने में सफल नहीं हुए। फील्डिंग में भी कुछ अहम कैच छूटने से टीम को नुकसान उठाना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को सीरीज में वापसी करनी है तो इन सभी विभागों में सामूहिक सुधार करना होगा।
अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें तीसरे टी20 मुकाबले पर टिकी हैं। श्रेयस अय्यर के सामने कप्तान के रूप में पहली जीत दर्ज करने की चुनौती होगी, वहीं भारतीय टीम लगातार तीन हार से बचने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। यदि टीम अपनी रणनीति में सुधार करते हुए संतुलित प्रदर्शन करती है, तो वह सीरीज में वापसी की उम्मीदों को जिंदा रख सकती है। आने वाला मुकाबला न केवल भारत के लिए बल्कि नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।


