Iran और United States के बीच जारी तनाव और संभावित समझौते की खबरों के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei का बड़ा बयान सामने आया है। सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट कहा कि Strait of Hormuz का प्रबंधन तटीय देशों के अधिकार क्षेत्र में आता है और यहां किसी तरह का “टोल टैक्स” नहीं वसूला जाएगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा। ईरान ने इसे “पर्यावरण टैक्स” बताया है।
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“यह टोल नहीं, पर्यावरण सुरक्षा शुल्क है”
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान और Oman मिलकर एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं। इसके तहत होर्मुज स्ट्रेट, फारसी खाड़ी और ओमान सागर के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए समुद्री सेवाएं दी जाएंगी।
बाघेई ने कहा,
“यह कोई टोल नहीं है, सही शब्दावली का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पर्यावरण सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के लिए यह शुल्क जरूरी है। हमें उम्मीद है कि ओमान के साथ जल्द अंतिम समझौता हो जाएगा।”
“होर्मुज की सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए अहम”
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा वैश्विक चिंता का विषय है, लेकिन ईरान अपनी सुरक्षा जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान इस समुद्री मार्ग को मुक्त व्यापार और सुरक्षित आवाजाही के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।
बाघेई ने आरोप लगाया कि अतीत में इस स्ट्रेट का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता के लिए किया गया था। उन्होंने बताया कि ईरान के उप विदेश मंत्री की ओमान यात्रा सुरक्षित समुद्री आवागमन के लिए नया तंत्र विकसित करने को लेकर हो रही है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता का भी जिक्र
संभावित अमेरिका-ईरान समझौते पर बोलते हुए बाघेई ने कहा कि अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर “कोई गारंटी” नहीं है और ईरान किसी भी धमकी से डरने वाला नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया बातचीत में Pakistan समेत कुछ अन्य देशों की मध्यस्थता अहम रही है। इसके साथ ही बातचीत में Lebanon संघर्ष समाप्त करने से जुड़े प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।
“परमाणु मुद्दे पर फिलहाल चर्चा नहीं”
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा दौर की बातचीत में फिलहाल परमाणु मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। अभी प्राथमिकता संघर्ष खत्म करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने पर है।
उन्होंने आशंका जताई कि Israel इस वार्ता को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है।
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मार्को रूबियो ने भी दिए संकेत
इधर भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी सोमवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर जल्द बड़ी खबर सामने आ सकती है।
रूबियो ने बताया कि रविवार को दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो पाया, लेकिन इसे असफलता नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार अमेरिका ने ईरान के सामने एक मजबूत प्रस्ताव रखा है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तय समयसीमा में गंभीर बातचीत शामिल है।



