नेतन्याहू का नया प्लान— ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इजराइल ने गाजा पट्टी में अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा पट्टी के 70 प्रतिशत हिस्से पर सीधा प्रशासनिक और सुरक्षा नियंत्रण स्थापित करने का सख्त आदेश दिया है। आधे से अधिक गाजा पर पहले ही कब्जा कर चुकी इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) अब बाकी बचे इलाकों में हमास के अंतिम ठिकानों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रही हैं।

सैन्य विस्तार और जमीनी हालात: क्या है नेतन्याहू का नया प्लान?
मिडिल ईस्ट में जारी इस महायुद्ध के बीच इजराइल अपनी रणनीतिक सीमाओं के विस्तार और बफर जोन (सुरक्षित क्षेत्र) बनाने की मुहिम में जुटा है। तेल अवीव में रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, नए आदेश का सीधा मतलब है कि इजरायली सेना अब न केवल युद्ध लड़ेगी, बल्कि गाजा के 70 फीसदी इलाके में रसद, आवाजाही और सुरक्षा चौकियों का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में रखेगी। इस फैसले से साफ है कि इजराइल गाजा पट्टी से अपनी सेना को पीछे हटाने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
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इस अभियान के तहत उत्तरी गाजा और खान यूनिस के कई इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इजरायली टैंक अब गाजा के उन शेष हिस्सों की तरफ बढ़ रहे हैं, जहां अब भी नागरिक आबादी और हमास के लड़ाकों के छिपे होने का दावा किया जा रहा है।
इजराइल के इस कदम से गाजा पट्टी में मानवीय संकट और गहरा गया है। सेना के बढ़ते नियंत्रण के कारण बचे हुए सुरक्षित क्षेत्रों में शरणार्थी शिविरों पर दबाव बढ़ गया है। राफा और मध्य गाजा के इलाकों में पानी, बिजली और चिकित्सा आपूर्ति पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इजराइल ने पूरी गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य शासन लागू किया, तो क्षेत्र में नागरिकों का बचना असंभव हो जाएगा। वहीं, दूसरी ओर ईरान समर्थित गुटों ने इजराइल के इस कदम के बाद जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जिससे क्षेत्रीय युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।



