नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में संगीत ने हमेशा दर्शकों को अलग-अलग भावनाओं से जोड़ा है। कभी गाने दिल को सुकून देते हैं तो कभी भावुक कर जाते हैं। 70 और 80 के दशक में Kishore Kumar और Mohammed Rafi के गानों का जादू हर तरफ छाया रहता था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि किशोर कुमार ने एक ऐसा गाना भी गाया था, जिसे लेकर उस दौर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
दरअसल, यह गाना था फिल्म Vidhaata का — “सात सहेलियां खड़ी-खड़ी, फरियाद सुनाएं घड़ी-घड़ी”। साल 1982 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन Subhash Ghai ने किया था। गाने के बोलों को उस समय काफी वल्गर और डबल मीनिंग माना गया था। यही वजह रही कि इसे लेकर भारी विवाद हुआ।
कहा जाता है कि गाने को थिएटर से पूरी तरह बैन नहीं किया गया, लेकिन All India Radio और दूरदर्शन पर इसके प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी। उस दौर में यह बॉलीवुड के शुरुआती ‘सजेस्टिव’ गानों में गिना जाने लगा था।
फिल्म अपने स्टारकास्ट को लेकर भी काफी चर्चा में रही। इसमें Dilip Kumar, Shammi Kapoor, Sanjeev Kumar, Sanjay Dutt, Padmini Kolhapure और Sarika जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे।
इस गाने की खास बात यह भी थी कि इसे एक-दो नहीं बल्कि सात गायकों ने अपनी आवाज दी थी। इनमें Kishore Kumar, Alka Yagnik, Anuradha Paudwal, Sadhana Sargam, Kavita Krishnamurti, हेमलता, शिवांगी कोल्हापुरे और कंचन शामिल थीं।
गाने के बोल Anand Bakshi ने लिखे थे, जबकि संगीत Kalyanji–Anandji ने तैयार किया था। बताया जाता है कि रिकॉर्डिंग के दौरान स्टूडियो में भारी भीड़ थी और इसे बड़े स्तर पर फिल्माया गया था।


