CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट की टीम दिल्ली से भोपाल पहुंची और मामले से जुड़े पुलिस रिकॉर्ड, केस डायरी और सबूत अपने कब्जे में ले लिए। प्रारंभिक जांच में सामने आए 20 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग के आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
हाईकोर्ट से नोटिस, कानूनी प्रक्रिया तेज
मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार और ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनसे दो दिन में जवाब मांगा है। याचिका में ट्रायल कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को चुनौती दी गई है। अगली सुनवाई 27 मई को तय की गई है।
सरकार का आरोप—जांच में सहयोग नहीं
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में कहा कि आरोपी सास गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। वहीं उनके वकील ने इन आरोपों को खारिज करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने आरोप लगाया था कि जांच में बाधा डाली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की बात कही है।
जांच में SIT की कार्रवाई
भोपाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं। सोमवार शाम SIT ने आरोपी पति समर्थ सिंह को उसके घर लेकर जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन किया और दोनों आरोपियों से करीब ढाई घंटे पूछताछ की।
विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। उनके परिवार ने इसे दहेज प्रताड़ना से जुड़ी हत्या का मामला बताया है, जबकि ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताते हुए कहा है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं।



