रायपुर | छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अपना तीसरा बजट पेश करने जा रही है। बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे “विकसित छत्तीसगढ़” के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के हर वर्ग—किसान, युवा, महिला और गरीब—के सशक्तीकरण का रोडमैप है।
मुख्यमंत्री के संदेश की मुख्य बातें
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समग्र विकास का विज़न: सीएम साय ने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा यह बजट हमारी सरकार के ‘समृद्ध छत्तीसगढ़’ के विज़न को नई मजबूती देगा।
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हर वर्ग का समावेश: उन्होंने जोर दिया कि बजट में समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने और बुनियादी ढांचे को सशक्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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तीसरा बजट और नई उम्मीदें: सरकार का यह तीसरा बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे ‘डिजिटल बजट’
आज दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी विधानसभा में बजट ब्रीफकेस के साथ पहुँचेंगे। गौरतलब है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बजट में तकनीक और पारदर्शिता पर जोर दिया जा सकता है। बजट सत्र के पहले दिन पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की विकास दर (GSDP) 11.57% रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
बजट से जुड़ी कुछ खास उम्मीदें:
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कृषि: धान खरीदी और किसान कल्याण योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान की संभावना।
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शिक्षा व स्वास्थ्य: हर जिले में ट्रॉमा सेंटर और बालिका छात्रावासों के निर्माण की घोषणा हो सकती है।
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रोजगार: स्टार्टअप और एमएसएमई (MSMEs) के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन।
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महिला सशक्तीकरण: ‘लखपति दीदी’ और अन्य महिला केंद्रित योजनाओं के विस्तार पर नजर।
“यह बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हमारी सरकार के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करेगा।” > — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़


