- भ्रष्टाचार का खुलासा: एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 186 फर्जी मकानों के जरिए करोड़ों के गबन का पर्दाफाश किया।
- बड़ी गिरफ्तारी: घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व प्रबंधक को भोपाल से हिरासत में लिया गया।
- सरकारी चपत: कागजों पर खेल परिसर और आवास दिखाकर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
ACB Big Action , भोपाल/जयपुर — भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रविवार को एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए खेल बुनियादी ढांचे (Sports Infrastructure) के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में पूर्व प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने मिलीभगत कर 186 ऐसे मकानों का भुगतान उठा लिया, जो जमीन पर कभी बने ही नहीं थे।
कागजों पर खड़ी कर दी ‘स्पोर्ट्स सिटी’
ACB की जांच यह पूरा खेल फाइल और दस्तावेजों तक सीमित था। पूर्व प्रबंधक ने ठेकेदारों के साथ मिलकर उन निर्माण कार्यों के बिल पास किए, जिनका अस्तित्व ही नहीं है। विभाग ने 186 आवासों के निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये जारी किए थे, लेकिन मौका मुआयना करने पर वहां केवल खाली जमीन या अधूरा ढांचा मिला।
- घोटाले की राशि: शुरुआती अनुमान के मुताबिक ₹15 करोड़ से अधिक का गबन।
- मोडस ऑपरेंडी: फर्जी प्रोग्रेस रिपोर्ट और जाली तस्वीरों के जरिए फंड रिलीज कराए गए।
- लोकेशन: आरोपी को भोपाल स्थित उसके आवास से ट्रैक कर दबोचा गया।
अधिकारियों की मिलीभगत और फर्जी भुगतान
जांच एजेंसी ने पाया कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं था। पूर्व प्रबंधक ने तकनीकी टीम और लेखा विभाग के साथ मिलकर एक ऐसा सिंडिकेट बनाया था जो बिना किसी भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के फाइलों को आगे बढ़ाता रहा।
“यह सरकारी धन की खुली लूट है। हमने साक्ष्य जुटाए हैं कि कैसे कागजों पर इमारतों को ‘पूर्ण’ दिखाकर भुगतान लिया गया। इस मामले में अभी कई और सफेदपोश चेहरे बेनकाब होंगे।”
— जांच अधिकारी, ACB



