नई दिल्ली/तेहरान, 11 अप्रैल 2026: ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ‘ की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा अभी भी उन गंभीर चोटों से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्हें युद्ध की शुरुआत में हुए एक हवाई हमले के दौरान लगी थीं। सूत्रों का दावा है कि इस हमले में न केवल उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हुई, बल्कि मोजतबा का चेहरा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और उनके पैरों में गंभीर चोटें आईं।
तेहरान परिसर पर हमले का असर
यह घटना मध्य तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के सुरक्षित परिसर में हुई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि:
बाल विवाह की रोकथाम समय रहते करें , प्रिवेंशन इस बैटर देन क्योर….डॉ. वर्णिका शर्मा के सख्त निर्देश.
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हवाई हमले के दौरान मोजतबा खामेनेई का चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया है।
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उनके एक या दोनों पैरों में गंभीर चोट आई है, जिससे उनके चलने-फिरने पर असर पड़ा है।
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कुछ खुफिया रिपोर्ट्स में तो एक पैर गंवाने तक की बात कही गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शारीरिक चोटों के बावजूद ‘मेंटली एक्टिव’
भले ही मोजतबा खामेनेई शारीरिक रूप से गंभीर रूप से घायल हैं, लेकिन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं। वे अस्पताल या अपने सुरक्षित ठिकाने से ही ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। युद्ध की रणनीति और वॉशिंगटन के साथ किसी भी संभावित बातचीत जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी सक्रिय भूमिका बनी हुई है।
ईरानी मीडिया और ‘जानबाज़’ शब्द का प्रयोग
दिलचस्प बात यह है कि ईरान के सरकारी मीडिया ने अभी तक उनकी चोटों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, ईरानी न्यूज़ चैनलों पर उन्हें ‘जानबाज़’ (Janbaz) कहकर संबोधित किया जा रहा है। ईरान में यह शब्द उन योद्धाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो युद्ध में गंभीर रूप से घायल या विकलांग हो जाते हैं।
क्यों छिपाया जा रहा है चेहरा?
28 फरवरी 2024 को हुए उस हमले के बाद से मोजतबा खामेनेई की कोई भी नई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चेहरे के बिगड़ने और शारीरिक अक्षमता के कारण ही ईरानी शासन उन्हें फिलहाल जनता के सामने लाने से बच रहा है।



