CG Teachers Recruitment : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी पाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मौजूदा मेरिट लिस्ट को त्रुटिपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार को नई मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
सिंगल बेंच में हुई अहम सुनवाई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था, जिसे सुनने के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
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क्या पाई गई गड़बड़ी?
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि—
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित पदों पर
- तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों की नियुक्ति
- केवल मेरिट के आधार पर कर दी गई
जो कि आरक्षण नियमों के खिलाफ है और कानूनन गलत है।
कोर्ट का स्पष्ट निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि—
- पूरी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की जाए
- सभी नियमों का पालन करते हुए नई मेरिट लिस्ट तैयार की जाए
- किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो
90 दिनों में तैयार करनी होगी नई सूची
कोर्ट ने सरकार को 90 दिनों की समय-सीमा दी है, जिसके भीतर नई मेरिट सूची जारी करनी होगी। इस दौरान पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया गया है।
अभ्यर्थियों में बढ़ी हलचल
इस फैसले के बाद हजारों अभ्यर्थियों में हलचल तेज हो गई है। जिन उम्मीदवारों को पहले चयन सूची में जगह मिली थी, उनकी स्थिति अब अनिश्चित हो गई है, वहीं कई अभ्यर्थियों को उम्मीद जगी है कि उन्हें न्याय मिल सकता है।
सरकार पर बढ़ा दबाव
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य सरकार पर निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। अब शिक्षा विभाग को पूरे मामले की दोबारा जांच करनी होगी।
शिक्षा व्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, लेकिन साथ ही नई मेरिट लिस्ट बनने तक नियुक्तियों में देरी भी हो सकती है, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर पड़ सकता है।


