शिलांग। मेघालय के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा गया है। अब सोनम रघुवंशी जमानत पर जेल से बाहर रहेंगी।
सोनम रघुवंशी पर आरोप है कि उसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच मेघालय पुलिस कर रही है।
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जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची थी मेघालय पुलिस
मेघालय के पुलिस महानिदेशक (DGP) इदाशिशा नोंगरांग ने पहले कहा था कि पुलिस निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को हाईकोर्ट में चुनौती देगी। पुलिस का दावा है कि उसके पास मामले से जुड़े ठोस साक्ष्य हैं और जांच के आधार पर आरोप मजबूत हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका स्वीकार नहीं की और जमानत बरकरार रखने का फैसला सुनाया।
28 अप्रैल को मिली थी जमानत
सोनम रघुवंशी को 28 अप्रैल को शिलांग की निचली अदालत से जमानत मिली थी। अब मेघालय हाईकोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखते हुए उन्हें राहत दी है।
क्या है पूरा मामला?
राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 21 मई 2025 को हनीमून मनाने मेघालय के शिलांग पहुंचे थे। 26 मई को दोनों सोहरा घूमने गए, जहां से वे लापता हो गए। इसके बाद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
करीब एक सप्ताह बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव सोहरा स्थित प्रसिद्ध वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा और तीन अन्य आरोपियों—विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी—के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। हालांकि, सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।


