Dog Sterilization : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार, नगरीय प्रशासन विभाग और सभी नगर निगमों से जिलेवार रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और नसबंदी (Sterilization) अभियान चलाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
डॉग बाइट मामलों पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने प्रदेश के कई जिलों से आवारा कुत्तों के हमलों और बच्चों के घायल होने के मामलों का उल्लेख किया गया। अदालत ने कहा कि यह केवल नगर निगमों की नियमित सफाई व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि जन सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
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कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने डॉग बाइट मामले दर्ज हुए, कितने लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई और कितने मामलों में गंभीर चोटें आईं।
नसबंदी अभियान की प्रगति बताने के निर्देश
हाईकोर्ट ने सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे Animal Birth Control (ABC) कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि:
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अब तक कितने आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई,
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कितने कुत्तों का टीकाकरण हुआ,
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अभियान के लिए कितनी राशि खर्च की गई,
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और अगले छह महीनों की कार्ययोजना क्या है।
शहरी निकायों की कार्यप्रणाली पर सवाल
अदालत ने प्रारंभिक रिपोर्टों पर असंतोष जताते हुए कहा कि कई निकायों में नसबंदी अभियान नियमित रूप से नहीं चल रहा है। कुछ जिलों में पर्याप्त पशु चिकित्सकों और पकड़ने वाली टीमों


