CG NEWS : जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिले की पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन कारों से 552.10 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे और वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि तस्करों की मदद के लिए रेकी कर रही एक कार को भी जब्त किया गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा कारों के जरिए छत्तीसगढ़ होते हुए अन्य राज्यों में तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जिले के विभिन्न मार्गों पर घेराबंदी कर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान संदिग्ध कारों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
तीन कारों से मिला 552.10 किलो गांजा
तलाशी के दौरान पुलिस ने तीन अलग-अलग कारों से कुल 552.10 किलोग्राम गांजा बरामद किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए थे। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
रेकी करने वाली कार भी जब्त
जांच में यह भी पता चला कि तस्करों के आगे-पीछे एक अन्य कार चल रही थी, जिसका काम पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखना और तस्करों को अलर्ट करना था। पुलिस ने इस रेकी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह तस्करी का एक संगठित नेटवर्क है, जिसके अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।
तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य राज्यों से जुड़े आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें नशे के कारोबार से जुड़ी कोई सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को जानकारी दें। अधिकारियों का कहना है कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


